हर्षोदय टाइम्स ब्यूरो
परतावल/ महराजगंज जनपद के श्यामदेउरवा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत लखिमा में करीब एक साल पहले रहस्यमय ढंग से गायब हुआ 10 केवीए का विद्युत ट्रांसफार्मर आखिरकार सामने आ गया। मंगलवार सुबह गांव के एक तालाब से ट्रांसफार्मर की खाली बॉडी बरामद की गई। हालांकि ट्रांसफार्मर के भीतर लगा पूरा उपकरण पहले ही गायब पाया गया, जिससे चोरी की आशंका और गहरा गई है।

बताया जा रहा है कि तालाब का जलस्तर घटने के बाद वहां टहलने पहुंचे ग्रामीणों की नजर पानी के भीतर पड़ी भारी लोहे की संरचना पर पड़ी। पास जाकर देखने पर ट्रांसफार्मर की पहचान हुई, जिसके बाद तत्काल इसकी सूचना विद्युत विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही विभागीय कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर को तालाब से बाहर निकाला गया।
विद्युत विभाग के अवर अभियंता जुगनू अंसारी के अनुसार ट्रांसफार्मर करीब एक वर्ष पूर्व गायब होने की सूचना मिली थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी ने ट्रांसफार्मर को तालाब में छिपाकर रखा और समय-समय पर उसके भीतर के कीमती हिस्सों को निकालकर बेच दिया। अब पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने क्षेत्र में बिजली उपकरणों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
वही लोगों का कहना है कि यदि ट्रांसफार्मर एक वर्ष से गायब था, तो इस दौरान विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मर पोल से गायब होने के बाद न तो लाइनमैन ने गंभीरता दिखाई और न ही संबंधित जेई अथवा अधिकारियों ने इसकी खोजबीन की। एक साल तक ट्रांसफार्मर का पता न लग पाना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच होती, तो कीमती सामान चोरी होने से बचाया जा सकता था।


